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एक निर्भीक श्रमण को आखिरी जोहार! वीरेंद्र यादव (5 मार्च 1950-16 जनवरी 2026)

अरुण नारायण वीरेंद्र यादव हिन्दी के उन विरल आलोचकों में थे, जो प्रगतिशील परंपरा में खड़े होकर भी उसकी जड़ता को प्रश्नांकित करने का साहस...

शिवनंदन पासवान को क्यों भुला दिया गया : जननायक कर्पूरी ठाकुर को दिया था ‘मरणोपरांत न्याय’ !

प्रखर समाजवादी नेता, पूर्व मंत्री, विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष शिवनंदन पासवान की 90वीं जयंती आयोजित पटना: बिहार के वरिष्ठ समाजवादी नेता , पूर्व मंत्री, विधानसभा...

खालिदा जिया बेगम (1945-2025): अधिकार, विरोधाभास और दक्षिण एशिया की जटिल विरासत

दक्षिण एशिया की राजनीति में कुछ स्त्रियाँ केवल सत्ता तक नहीं पहुँचीं, उन्होंने सत्ता की संरचना में स्त्री की उपस्थिति को दृश्य बनाया। बांग्लादेश...

“धुरंधर” के लड़ाके

इस तरह भले ही इन रक्तपाती रोमांचक क्रूरतम खेल की शुरुआत वीडियो गेम्स से न हुई हो लेकिन माँग और पूर्ति के नियमानुसार वीडियो...

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